महिला आयोग की जांच के दौरान डायग्नोस्टिक सेंटर पर हंगामा, डॉक्टर दंपती से तीखी नोकझोंक
संवाददाता पुष्पेंद्र कुमार




एटा। शहर के बली मोहम्मद चौराहा स्थित एक निजी सीटी स्कैन एवं पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य के निरीक्षण के दौरान जमकर हंगामा हो गया। निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और स्वास्थ्य विभाग की टीम की डॉक्टर दंपती से तीखी बहस हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच विवाद होता दिखाई दे रहा है। यह मामला विधवा महिला ज्योति जैन की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने राज्य महिला आयोग में आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने मकान का ग्राउंड फ्लोर 15 वर्ष के समझौते के तहत डॉ. शैलेंद्र जैन को सीटी स्कैन सेंटर संचालित करने के लिए किराए पर दिया था। शिकायत के अनुसार बाद में डॉक्टर दंपती ने मकान की दूसरी मंजिल पर भी कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया और वहां सीटी स्कैन मशीन का यूपीएस स्थापित कर दिया। विरोध करने पर उन्हें और उनकी बेटी को जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। इसी शिकायत की जांच के लिए बुधवार दोपहर राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सन्मति सेवा धाम सीटी स्कैन एवं पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य ने वहां मौजूद एक महिला मरीज से जानकारी ली। उनके अनुसार उस समय सीटी स्कैन कराने के लिए मरीज मौजूद थी, लेकिन मौके पर कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं था। इस पर उन्होंने मरीज को मेडिकल कॉलेज में जांच कराने की सलाह दी। आरोप है कि इसी बात को लेकर डॉक्टर रूपा जैन नाराज हो गईं और आयोग की सदस्य से अभद्र व्यवहार करने लगीं। वहीं डॉ. शैलेंद्र जैन ने भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तीखी बहस की, जिससे मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि संबंधित अस्पताल स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत है। सीटी स्कैन मशीन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति संबंधी आवेदन पहले दिया गया था, लेकिन बाद में रेडियोलॉजिस्ट बदलने के लिए नया आवेदन प्रस्तुत किया गया। यह प्रक्रिया समिति के माध्यम से पूरी होती है, इसलिए नई नियुक्ति को अभी स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि निरीक्षण के समय सीटी स्कैन मशीन बंद मिली। राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने कहा कि जांच के दौरान बिना रेडियोलॉजिस्ट के सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड किए जाने की बात सामने आई है, जिसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। साथ ही महिला की संपत्ति पर अवैध कब्जे के आरोपों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।












