“आरोपी नहीं मिला तो नाबालिग को बनाया निशाना — तीन दिन थाने में बैठाए रखने से बिगड़ी हालत”
प्रतापगढ़। कुंडा कोतवाली पुलिस पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। किशोरी भगाने के मामले में नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही पुलिस ने एक निर्दोष नाबालिग को तीन दिनों तक थाने में बैठाए रखा। लगातार तीन दिन थाने में रहने के बाद गुरुवार की भोर में किशोर की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने उसे कुंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया।
जानकारी के अनुसार, कुंडा कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर इलाके में रहने वाली एक किशोरी को पड़ोस के गांव का युवक 3 सितंबर को भगा ले गया था। इस मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी युवक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपी को पकड़ने में अब तक विफल रही, लेकिन बीते मंगलवार को गांव के ही अभय गौतम पुत्र धीरेंद्र गौतम को पुलिस पकड़कर थाने ले आई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अभय को बिना किसी कारण के थाने में तीन दिनों तक बैठाए रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। गुरुवार तड़के उसकी तबीयत खराब होने पर पुलिस ने उसे इलाज के लिए सीएचसी कुंडा पहुंचाया। इलाज के दौरान दोपहर में पुलिस ने किशोर के पिता धीरेंद्र गौतम को बुलाकर किसी तरह की कार्रवाई न करने की बात कहकर बेटे को सौंप दिया।
पीड़ित के पिता ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उनका कहना है कि “जिस युवक ने किशोरी को भगाया, उसका हमारे परिवार या बिरादरी से कोई संबंध नहीं है, फिर भी पुलिस ने मेरे बेटे को उठाकर तीन दिन तक थाने में बैठाए रखा और तरह-तरह की प्रताड़ना दी।”
इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आरोपी को पकड़ने में नाकाम पुलिस आखिर एक निर्दोष नाबालिग को क्यों थाने में बंद रखे रही?
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