तालाब गहरे हुए तो बढ़ा भूजल स्तर, नगर पालिका की जल संरक्षण मुहिम लाई रंग

तालाब गहरे हुए तो बढ़ा भूजल स्तर, नगर पालिका की जल संरक्षण मुहिम लाई रंग

अध्यक्ष विजय सिन्हा की पहल से जलस्रोतों की बढ़ी क्षमता, बारिश का पानी सहेजने से आसपास के क्षेत्रों को मिल रहा फायदा

जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू

बेमेतरा। जल संरक्षण को लेकर नगर पालिका बेमेतरा की पहल अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा के प्रयासों से शहर के विभिन्न तालाबों के गहरीकरण और जलस्रोतों के संरक्षण का काम कराया गया, जिसके बाद तालाबों की जलधारण क्षमता में बढ़ोतरी के साथ आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। बारिश के पानी को रोकने और उसे जमीन के भीतर पहुंचाने की दिशा में तालाबों का गहरीकरण कारगर कदम साबित हो रहा है। तालाबों की गहराई बढ़ने से अब अधिक मात्रा में बारिश का पानी संग्रहित हो पा रहा है। इससे पानी लंबे समय तक तालाबों में बना रहने के साथ जमीन में रिसाव की प्रक्रिया भी बढ़ रही है। इसका सकारात्मक असर आसपास के कुओं, बोरवेल और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। गर्मी के दिनों में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए इसे नगर के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

जलस्रोतों को बचाने पर फोकस

नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जिम्मेदारी है। नगर में उपलब्ध तालाबों और अन्य जलस्रोतों को संरक्षित करने के साथ उनकी क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तालाबों का गहरीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे बारिश के पानी को अधिक से अधिक समय तक सहेजा जा सके। उन्होंने कहा कि तालाब बचेंगे तो पानी बचेगा और पानी बचेगा तो शहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा। नगर पालिका द्वारा तालाबों की सफाई, गहरीकरण, संरक्षण और जल संचयन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में इन कार्यों का व्यापक लाभ नगरवासियों को मिलने की उम्मीद है।

बारिश का पानी रोकना बना सबसे बड़ा लक्ष्य

तालाबों का गहरीकरण केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण से है। बारिश के दौरान बहकर निकल जाने वाले पानी को तालाबों में रोककर लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकता है। यही पानी धीरे-धीरे जमीन में समाकर भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।

नगरवासियों ने पहल को बताया सराहनीय

तालाबों के गहरीकरण और जल संरक्षण के कार्यों को लेकर नगरवासियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि इससे तालाबों की स्थिति में सुधार के साथ जलभराव की क्षमता बढ़ी है। यदि इसी तरह शहर के अन्य जलस्रोतों के संरक्षण और गहरीकरण पर भी लगातार काम किया जाए तो भविष्य में जल संकट से काफी हद तक राहत मिल सकती है। जल बचाने, जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने और भूजल स्तर को मजबूत करने की दिशा में नगर पालिका की यह पहल आने वाले वर्षों के लिए बेमेतरा को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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