विश्व हिंदी दिवस 2026 : मॉरीशस में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का भव्य आयोजन
डॉ. विनीता कंवर राठौड़ प्रवासी भारतीय साहित्यकार एवं हिंदी शिक्षाविद, क़तर
विश्व हिंदी दिवस 2026 के उपलक्ष्य में विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन का विषय “हिंदी शिक्षण : नवाचार और संभावनाएँ” रहा, जिसमें विश्व के विभिन्न देशों से आए हिंदी विद्वानों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं भाषा-प्रेमियों ने सक्रिय सहभागिता की।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी संगठन, नीदरलैंड्स के प्रतिनिधित्व में तथा क़तर से सहभागिता करते हुए प्रवासी भारतीय साहित्यकार एवं हिंदी शिक्षाविद डॉ. विनीता कंवर राठौड़ को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
सम्मेलन के प्रथम दिवस (9 जनवरी 2026) को हिंदी सचिवालय, फिनिक्स (मॉरीशस) के मंच से डॉ. राठौड़ ने अपना शोध आलेख प्रस्तुत किया, जिसमें हिंदी शिक्षण के समकालीन नवाचारों, प्रवासी संदर्भों और भविष्य की संभावनाओं पर सारगर्भित विचार रखे। इसी दिन उन्होंने अपनी स्वरचित कविता का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया। साथ ही उन्होंने मंच संचालन का दायित्व भी अत्यंत संयम, आत्मविश्वास और कुशलता के साथ निभाया, जिसे उपस्थित विद्वत् समाज ने सराहा।
सम्मेलन के द्वितीय दिवस (10 जनवरी 2026 – विश्व हिंदी दिवस) को डॉ. विनीता कंवर राठौड़ को दीप प्रज्वलन का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो हिंदी के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहा। इसी अवसर पर उन्हें मॉरीशस के शिक्षा मंत्री एवं मानव संशाधन मंत्री को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करने का विशिष्ट अवसर भी प्राप्त हुआ।
इस संपूर्ण आयोजन की विशेष उपलब्धि रही विश्व हिंदी सचिवालय की महासचिव डॉ. माधुरी दिनकर जी का स्नेहिल मार्गदर्शन, अपनत्व और आत्मीय व्यवहार। उनके नेतृत्व में सम्मेलन न केवल सुव्यवस्थित रहा, बल्कि प्रतिभागियों को एक पारिवारिक वातावरण की अनुभूति भी हुई। हिंदी के प्रति उनका समर्पण, प्रवासी साहित्यकारों के प्रति संवेदनशील दृष्टि और संवाद की सहजता सभी सहभागियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी।
यह सम्मेलन केवल अकादमिक विमर्श तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिंदी भाषा की उस वैश्विक चेतना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता रहा, जहाँ विभिन्न देशों में बसे हिंदी प्रेमी एक साझा सांस्कृतिक सूत्र में बंधे दिखाई दिए। मॉरीशस जैसे बहुसांस्कृतिक देश में हिंदी की सुदृढ़ उपस्थिति ने यह सिद्ध किया कि हिंदी आज विश्व पटल पर एक सशक्त संपर्क भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है।
डॉ. विनीता कंवर राठौड़ ने इस अवसर पर विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस, महासचिव डॉ. माधुरी दिनकर जी, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी संगठन, नीदरलैंड्स तथा समस्त आयोजकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन प्रवासी हिंदी समाज को नई दिशा, पहचान और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
निस्संदेह, यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हिंदी भाषा, साहित्य और शिक्षण के क्षेत्र में वैश्विक संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुआ।
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