कैल्ठा में चल रही साप्ताहिक भागवत कथा: राजा परीक्षित प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
जिला संवाददाता काव्यांश रावत
एटा। अलीगंज विकासखंड के कैल्ठा गांव में साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन कथा वाचक संजेश शास्त्री ने राजा परीक्षित की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति के महत्व से अवगत कराया। शास्त्री जी ने कथा सुनाते हुए बताया कि ऋषि शृंगी ने राजा परीक्षित को श्राप दिया था कि सातवें दिन तक्षक नाग के काटने से उनकी मृत्यु होगी। इस श्राप के बाद राजा परीक्षित ने सांसारिक मोह त्यागकर अपना शेष जीवन प्रभु भक्ति में समर्पित कर दिया। उन्होंने अपनी गलती का पश्चाताप करते हुए भागवत श्रवण का निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति हुई। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और कथा के प्रसंगों से प्रेरित होकर धर्ममार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
यह साप्ताहिक भागवत कथा न केवल धार्मिक उत्सव का प्रतीक है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और सदाचार की भावना को भी प्रोत्साहित कर रही है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा का समापन हवन और भंडारे के साथ किया जाएगा।












