गाजियाबाद: गोवंश को लम्पी स्किन डिजीज से बचाने के लिए टीकाकरण कराएं पशुपालक, साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान

गाजियाबाद: गोवंश को लम्पी स्किन डिजीज से बचाने के लिए टीकाकरण कराएं पशुपालक, साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने की अपील, बीमारी के लक्षण दिखने पर संक्रमित पशु को स्वस्थ गोवंश से अलग रखें

पवन सूर्यवंशी | ब्यूरो चीफ, ऑल एनसीआर

गाजियाबाद, 15 अक्टूबर। गोवंशीय पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज से बचाने के लिए पशुपालकों को साफ-सफाई, टीकाकरण और उचित देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.पी. पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पशुपालकों से बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।

डॉ. पाण्डेय ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जिसमें गोवंश की त्वचा पर गांठें बनने लगती हैं। ये गांठें आगे चलकर फूट सकती हैं और घाव का रूप ले सकती हैं। बीमारी से प्रभावित पशु को बुखार आ सकता है तथा वह चारा खाना कम कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण, साफ-सफाई और बचाव के उपाय महत्वपूर्ण हैं।

साफ-सफाई और संक्रमित पशु को अलग रखना जरूरी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने पशुपालकों को सलाह दी कि गोवंश के रहने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखें तथा विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कीटनाशक और चूने का छिड़काव कराएं। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर प्रभावित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखकर उसके भोजन, पानी और देखभाल की उचित व्यवस्था करें।

उन्होंने कहा कि पशु की देखभाल करने वाले व्यक्ति को संपर्क के बाद अपने हाथ-पैर अच्छी तरह साफ करने चाहिए, ताकि संक्रमण के प्रसार का जोखिम कम किया जा सके। इसके साथ ही गोवंश को संतुलित पशु आहार देकर उसकी सेहत बनाए रखना भी जरूरी है।

घरेलू उपाय अपनाने से पहले पशु चिकित्सक की सलाह लें

प्रेस विज्ञप्ति में नीम की पत्तियों, फिटकरी, गिलोय, गुड़ और हल्दी से जुड़े कुछ पारंपरिक घरेलू उपायों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन उपायों को लम्पी स्किन डिजीज का प्रमाणित उपचार नहीं माना जाना चाहिए। पशुओं को नहलाने या कोई मिश्रण खिलाने से पहले पशु चिकित्सक से सलाह लें। टीकाकरण और उचित पशु चिकित्सा को प्राथमिकता दें।

इन टोल फ्री नंबरों पर करें संपर्क

बीमार गोवंश के उपचार के लिए पशुपालक निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • 1962 — पशु चिकित्सा सहायता
  • 18001801486 — पशुपालन विभाग की हेल्पलाइन

इसके अतिरिक्त नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र को भी सूचना दी जा सकती है।

टीकाकरण से छूटे पशुओं की दें जानकारी

यदि किसी पशुपालक का गोवंश टीकाकरण से वंचित है, तो वह संबंधित अधिकारियों को अपना नाम, मोबाइल नंबर, गांव या वार्ड का नाम तथा विकासखंड या स्थानीय निकाय की जानकारी उपलब्ध करा सकता है, ताकि टीकाकरण की व्यवस्था की जा सके।

संपर्क अधिकारी:

  • डॉ. एस.पी. पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, गाजियाबाद — 9412313943
  • डॉ. अजीत राणा, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी — 7251953535
  • डॉ. हरिवंश सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी — 9453988365
  • विशाल भारद्वाज, वरिष्ठ सहायक — 8285841521

पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे गोवंश में बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें और टीकाकरण सहित आवश्यक बचाव उपाय अपनाकर अपने पशुओं को सुरक्षित रखें।

 

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