एनओसी में देरी बर्दाश्त नहीं, विकास परियोजनाओं को समय से पूरा कराएं: डीएम अरविन्द सिंह
जिला संवादाता काव्यांश रावत एटा, 02 सितंबर। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बुधवार को कैंप कार्यालय में वन एवं विद्युत विभाग से संबंधित लंबित एनओसी और विद्युत यूटिलिटी शिफ्टिंग के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय औपचारिकताओं के कारण विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और सभी लंबित स्वीकृतियां जल्द प्राप्त कराई जाएं।
बैठक में शिकोहाबाद रोड (निधौली खुर्द) से सकीट रोड (सरदलगढ़), पुरा हरिपुर कलां होते हुए एनएच-34 तक प्रस्तावित बाईपास परियोजना में आ रही वन एवं विद्युत विभाग की अड़चनों पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही विद्युत लाइनों एवं अन्य यूटिलिटी की शिफ्टिंग तथा पेड़ों के पातन से संबंधित अनुमतियों की स्थिति भी जानी गई।
डीएम ने कहा कि लंबित प्रकरणों को केवल पत्राचार तक सीमित न रखा जाए। संबंधित अधिकारी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर स्वीकृतियां शीघ्र दिलाएं। जिन मामलों में शासन या उच्च स्तर से अनुमति की आवश्यकता है, उनमें लखनऊ स्थित संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाएं सीधे जनहित से जुड़ी हैं, इसलिए भूमि, वन, विद्युत और एनओसी से जुड़ी सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए। परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को तत्काल चिन्हित कर उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा होकर जनता को उसका लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की नियमित मॉनीटरिंग करने और प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाए। विकास कार्यों की गति प्रभावित करने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।











