सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ प्रशासन सख्त, कॉलोनाइजर पर मुकदमा दर्ज, अन्य कॉलोनियों की भी होगी गोपनीय जांच
संवाददाता – अश्वनी कुमार जिला – हाथरस
हाथरस में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर ग्लोरी गार्डन कॉलोनी बसाने के आरोप में कॉलोनाइजर मनोज यादव, मैसर्स वसुंधरा एस्टेट्स तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई नगर पालिका के नजूल निरीक्षक यशुराज शर्मा की तहरीर पर की गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने स्थलीय निरीक्षण एवं राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद पाया कि कॉलोनी के विकास के दौरान सरकारी भूमि, सार्वजनिक रास्तों, नालियों और पोखर की भूमि पर अवैध कब्जा कर उनका स्वरूप बदल दिया गया। जांच में गाटा संख्या 447 (0.121 हेक्टेयर), 500 (0.135 हेक्टेयर), 502 (0.069 हेक्टेयर), 503 (0.055 हेक्टेयर) तथा गाटा संख्या 581 सहित कई सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई। इन स्थानों पर पक्की पटरी एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाकर उन्हें कॉलोनी का हिस्सा बना दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कॉलोनी के निर्माण से पूर्व किसी सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक वैधानिक अनुमोदन या विनियमन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। सरकारी भूमि को कॉलोनी की चहारदीवारी के भीतर शामिल कर निजी उपयोग में लिया गया, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, मामले में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं बल्कि उन तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन पर कॉलोनी बसाने में सहयोग करने के आरोप हैं। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन अवैध कब्जे वाली सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी में भी जुटा है। इसके साथ ही शहर में इसी कॉलोनाइजर द्वारा विकसित अन्य कॉलोनियों की भी गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वे भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर विकसित तो नहीं की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












