सामाजिक न्याय एवं सामाजिक अधिकार सम्मेलन के सामने जिला प्रशासन ने घुटने टेका

सामाजिक न्याय एवं सामाजिक अधिकार सम्मेलन के सामने जिला प्रशासन ने घुटने टेका

संवाददाता पंकज गुप्ता 

प्रतापगढ़। जिला मुख्यालय स्थित भंगवा चुंगी प्लाजा पैलेस में आयोजित सामाजिक न्याय एवं सामाजिक अधिकार सम्मेलन की अनुमति एसडीएम सदर द्वारा निरस्त करने पर कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच पुरजोर ताकत आजमाइश होती रही।

अंततोगत्वा एसडीएम सदर नैंसी सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर जाकर सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि प्रशासनिक दबाव में मुझे यह आदेश निरस्त करना पड़ा। आपके कार्यक्रम की अनुमति निरस्त कर दी गई है।

मालूम हो कि २८ सितंबर २०२५ को विश्वकर्मा भगवान के पुत्र लौह कार ताम्रकार स्वर्णकार काष्ठ कार और शिल्पकार के साथ पाल और पटेल समाज के लोगों का सामूहिक जमावड़ा कर सामाजिक अधिकार रैली का आवाहन किया था जिस पर ग्रहण उस समय लग गया, जब कार्यक्रम की पूर्व संध्या दिवस पर 27 सितंबर 25 को रात्रि लगभग 9:00 बजे आयोजक गण को बताया गया कि अपके कार्यक्रम की अनुमति पुनः निरस्त अभिजीत शर्मा निवासी बहरिया प्रतापगढ़ के शिकायती पत्र के आधार पर कर दिया गया है। सामाजिक न्याय और अधिकार रैली का सजा दरबार उस समय वीरान हो गया जब इसकी खबर आयोजक गण को दी गई। अनौपचारिक वार्ता में अधिकारियों ने भी यह बताया कि एक तथा कथित विश्वकर्मा नेता के टेलीफोन के बाद शिकायती पत्र आया था जिस पर कार्यवाही की गई है।

कार्यक्रम निरस्त किए जाने की खबर जब सुबह सम्मिलित होने वाले और अन्य आयोजकों को मालूम हुआ तब उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। कार्यक्रम आयोजकों ने जिला अधिकारी के कैंप कार्यालय में मिलकर ज़िला अधिकारी से अपना पक्ष रखा।आयोजक संदीप कुमार विश्वकर्मा ने जिला अधिकारी महोदय से बात कर बताया कि शिकायत करता है फर्जी है और जिस नाम गांव फतेह को बताया गया है वह झूठा है। जिसके प्रति उत्तर में जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि कई जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद आपका कार्यक्रम निरस्त किया गया।

सूचना के आदान-प्रदान के दौरान प्रतापगढ़ जनपद व गैर जनपद के सामाजिक सहभागिता के लिए जनमानस उमड़ पड़ा। भीड़ का जुटौला देखकर जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम न करने का अनुरोध करती रहे, परंतु कार्यकर्ता और उपस्थित भीड़ कार्यक्रम स्थल के गेट पर एकत्रित होकर धरना पर बैठ गई। जिससे परेशान जिला प्रशासन ने आयोजक संदीप विश्वकर्मा और कमलेश कुमार विश्वकर्मा से कार्यक्रम स्थल प्लाजा पैलेस पहुंचकर वार्ता किया । एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकार नगर को आकर आमने-सामने बात हुई,तब अधिकारियों की वार्ता के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर ही मुख्य अतिथि इंद्रजीत सिंह बब्बू पौत्र स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह पूर्व राष्ट्रपति भारत सरकार से वार्ता कर आस्वस्थ किया कि शिकायतकर्ता की तहकीकात की जाएगी शिकायत गलत पाए जाने पर शिकायतकर्ता के न होने की स्थिति में कार्यक्रम की अनुमति को निरस्त करने की फोंनिक पैरवी करने वाले व्यक्ति को चिन्हित कर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस आश्वासन पर मुख्य अतिथि और इस अवसर पर उपस्थित अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम को स्थगित किया। इस दौरान लगभग 3 घंटे लगातार जिला प्रशासन और कार्यक्रम आयोजकों के बीच आंदोलनात्मक रस्सा कसी चलती रही।

चर्चा है कि बिना पुष्ट खबर के कार्यक्रम निरस्त करने से अधिकारी और कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए और लोगों में चर्चा रहीं कि प्रशासन की मामूली लापरवाही से सत्ता विरोधी संदेश आम जनता में चला गया।

ये भी पढ़ें विद्यालय के बच्चों ने किया मंदिर भ्रमण, भारतीय संस्कृति और आस्था से हुए रूबरू

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें