शिक्षा व्यवस्था पर डीएम का सख्त रुख, निरीक्षण में मिली गंदगी पर कार्रवाई के निर्देश।
संवादाता अमन अहमद।
एटा जनपद में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अरविंद सिंह लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने विकासखंड शीतलपुर की ग्राम पंचायत असरौली स्थित प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में साफ-सफाई, छात्रों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन और शैक्षिक गतिविधियों का जायजा लिया गया। आंगनबाड़ी केंद्र ‘ए’ में 55 में से 45 बच्चे तथा केंद्र ‘बी’ में 60 में से 25 बच्चे उपस्थित पाए गए। कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यकर्त्रियों को बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में स्वच्छता और अनुशासित शैक्षिक वातावरण देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। कक्षा-6 की छात्रा गुंजन द्वारा 19 का पहाड़ा सही ढंग से सुनाए जाने पर डीएम ने उसकी प्रशंसा की। साथ ही शिक्षिका रिचा गुप्ता को बच्चों की शिक्षा के प्रति बेहतर कार्य करने पर प्रोत्साहित किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने मॉडल प्राथमिक विद्यालय मिरहची का निरीक्षण किया, जहां छात्र संख्या के मुकाबले केवल 60 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थित मिले। इस पर उन्होंने शिक्षकों को अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाकर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थिति देखकर जिलाधिकारी नाराज हो गए। कार्यालय परिसर में फैली गंदगी पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए खंड शिक्षा अधिकारी अंकित मिश्रा से स्पष्टीकरण तलब किया और बेसिक शिक्षा अधिकारी को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं उपस्थिति पंजिका में कनिष्ठ सहायक सुबेंद्र कुमार कई दिनों से बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी व शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाएं।












