प्रयागराज में स्वास्थ्य सेवाओं पर दाग: नशे में अधीक्षक की गुंडागर्दी, दो दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

प्रयागराज में स्वास्थ्य सेवाओं पर दाग: नशे में अधीक्षक की गुंडागर्दी, दो दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

प्रयागराज: कौडिहार सीएचसी अधीक्षक का नशे में जूनियर डॉक्टर से मारपीट का वीडियो वायरल

प्रयागराज | 12/08/25 प्रयागराज जिले के कौडिहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ. अनुराग तिवारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अधीक्षक को शराब के नशे में अपने ही जूनियर डॉक्टर से मारपीट करते हुए साफ-साफ देखा जा सकता है। यह घटना 12/08/25 सोमवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में

वीडियो में अधीक्षक नशे की हालत में जूनियर डॉक्टर पर हाथापाई करते नजर आते हैं। वह डॉक्टर की मोटरसाइकिल को धक्का देकर गिराते हैं और गुस्से में अपशब्द भी कहते हैं। विवाद के दौरान दोनों के बीच तीखी कहासुनी होती है। आसपास खड़े लोग इस पूरे घटनाक्रम को देख रहे होते हैं और कुछ देर बाद कई लोग बीच-बचाव कर मामला शांत कराते हैं।

घटना के बाद माहौल

इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चिकित्सा अधीक्षक के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अधीक्षक पर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप लगे हों। अस्पताल के कर्मचारियों का मनोबल गिरा हुआ है और मरीजों की सेवाएं प्रभावित होने का खतरा है।

अधिकारियों को दी गई सूचना, लेकिन…

यह वीडियो ट्विटर और व्हाट्सऐप के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया था। इसके बावजूद, आज तक किसी भी स्तर पर कोई जांच या कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। इस चुप्पी ने विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्रयागराज में स्वास्थ्य सेवाओं पर दाग: नशे में अधीक्षक की गुंडागर्दी, दो दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

जनता और कर्मचारियों में आक्रोश

अस्पताल के कर्मचारी और स्थानीय लोग इस घटना से नाराज हैं। उनका कहना है कि नशे की हालत में इस तरह का व्यवहार न केवल विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। वे तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन की जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक गंभीर मामला है, जिसमें न सिर्फ एक अधिकारी का आचरण सवालों के घेरे में है, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही भी दांव पर है। अब देखना यह है कि क्या संबंधित अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करेंगे, या यह घटना भी फाइलों में दबा दी जाएगी.

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