दशम एटा पुस्तक महोत्सव में बौद्धिक संवाद, पठन-संस्कृति को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर
संवाददाता: योगेन्द्र सिंह
एटा, 19 दिसंबर 2025।
जनपद एटा में आयोजित दशम एटा पुस्तक महोत्सव में सहभागिता करते हुए आमजन, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों एवं छात्र-छात्राओं से व्यापक स्तर पर संवाद किया गया। इस दौरान समाज में अध्ययनशील वातावरण के निर्माण, युवाओं में पठन-पाठन की रुचि विकसित करने तथा ज्ञान के माध्यम से सशक्त समाज की स्थापना के उद्देश्य को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
पुस्तक महोत्सव के दौरान साहित्य, इतिहास, विज्ञान, संस्कृति, प्रतियोगी परीक्षाओं, आत्मविकास एवं बाल साहित्य सहित विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों के स्टॉलों का अवलोकन किया गया। पुस्तकों की खरीददारी कर लेखकों, प्रकाशकों एवं पाठकों का उत्साहवर्धन किया गया तथा विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, पुस्तक-पाठन और पुस्तकालय संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए बताया गया कि पुस्तकें केवल परीक्षा में सफलता का साधन नहीं होतीं, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास, तार्किक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती हैं। डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पुस्तकों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि पुस्तकें मन को एकाग्र करती हैं और सही दिशा में सोचने की क्षमता प्रदान करती हैं।वक्ताओं ने कहा कि पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजन समाज में बौद्धिक चेतना जागृत करने, नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और ज्ञान आधारित समाज की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर पठन-संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने, अधिक से अधिक लोगों को पुस्तकों से जोड़ने और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति का संदेश दिया गया।
“ज्ञान ही सशक्त समाज की नींव है”—इसी भाव के साथ दशम एटा पुस्तक महोत्सव में सहभागिता कर शिक्षा, संस्कृति और विचारों के प्रसार की दिशा में एक सार्थक पहल की गई।












