एटा में साप्ताहिक बंदी के नियमों की उड़ रही धज्जियां

एटा में साप्ताहिक बंदी के नियमों की उड़ रही धज्जियां

प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी

स्टेट संवाददाता विष्णु रावत एटा:नगर में प्रशासन द्वारा निर्धारित साप्ताहिक बंदी के नियम अब केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। शहर के मुख्य बाजारों, खासकर इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल मार्केट में, साप्ताहिक बंदी के दिन भी अधिकतर दुकानें खुली देखी गईं। ग्राहकों की भीड़ और बाजार की चहल-पहल से ऐसा प्रतीत हुआ मानो किसी बंदी का कोई नियम ही नहीं हो।

प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा पूर्व में व्यापारियों को साप्ताहिक अवकाश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा है। जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित विभाग इस स्थिति पर मौन हैं, जिससे प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नियमों की इस अनदेखी से वे व्यापारी खासे नाराज़ हैं जो ईमानदारी से बंदी का पालन करते हैं। उनका कहना है कि जब कुछ व्यापारी नियम तोड़कर दुकानें खोल रहे हैं, तो उन्हें व्यावसायिक नुकसान उठाना पड़ता है। इससे व्यापारियों के बीच असंतोष और प्रतिस्पर्धा की भावना में विकृति पैदा हो रही है।

स्थानीय नागरिकों और नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों की मांग है कि प्रशासन इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में साप्ताहिक बंदी के नियमों को गंभीरता से लिया जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस अनियमितता पर चुप्पी साधे रहता है और क्या वास्तव में कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह धूल फांकता रह जाएगा।

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