डॉक्टर–पत्रकार विवाद आरोपी डॉक्टर पर गिरी गाज, सरकार का बड़ा एक्शन
स्टेट ब्यूरो चीफ़ विष्णु रावत
एटा। जनपद में चर्चित डॉक्टर–पत्रकार विवाद मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एटा मेडिकल कॉलेज में तैनात आरोपी डॉक्टर मुकेश परमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पत्रकारों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच में डॉक्टर को दोषी पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया था।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच पूरी होने के बाद दोष सिद्ध होने पर डॉक्टर परमार को निलंबित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर सरकारी सेवा में रहते हुए निजी क्लीनिक भी संचालित कर रहा था, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया। इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल तेज है और आगे की विभागीय जांच जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।












