बागवानी अनुदान योजनाओं से किसानों की आय में बढ़ोतरी, सब्जी व मशरूम उत्पादन बना लाभ का जरिया
जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत, हरियाणा
पानीपत, 19 दिसंबर। प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने के लिए बागवानी क्षेत्र को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में सब्जी, मशरूम एवं आधुनिक तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका सीधा लाभ जिले के किसानों को मिल रहा है। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा सब्जियों की खेती पर किसानों को 15,000 से 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वहीं, बांस आधारित सब्जी उत्पादन पर 31,250 से 53,125 रुपये, आयरन स्टेकिंग तकनीक अपनाने पर 70,500 से 1,19,850 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त प्लास्टिक मल्चिंग के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अनुदान दिया जा रहा है। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा मशरूम झोपड़ी निर्माण पर 22,500 से 25,500 रुपये तथा मशरूम ट्रे पर 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान तक की सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, बागवानी से संबंधित मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद पर लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। जिला बागवानी अधिकारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि विभागीय योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन के चलते किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्नत और लाभकारी फसलों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बांस स्टेकिंग तकनीक अपनाकर किसान लगभग 4 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का लाभ कमा रहे हैं, जबकि गाजर की खेती से करीब 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की आय प्राप्त हो रही है।
उन्होंने बताया कि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर बागवानी फसलों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के आधार पर पहले आओ–पहले पाओ की तर्ज पर अनुदान प्रदान किया जाएगा। एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सब्जी फसलों पर अनुदान का लाभ ले सकता है। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला बागवानी अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।












