जैथरा अस्पताल भगवान भरोसे, लापरवाही पर जिलाधिकारी की चेतावनी भी बेअसर
संवाददाता धर्मेंद्र चौहान. जैथरा (एटा)। जैथरा की स्वास्थ्य सेवाएं इस कदर बदहाल हो चुकी हैं कि मानो पूरा अस्पताल भगवान भरोसे चल रहा हो। मरीजों की समस्याएं और कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह की सख्त चेतावनी के बावजूद चिकित्सा प्रभारी डॉ. राहुल चतुर्वेदी के रवैये में कोई सुधार नहीं आया है।
सूत्रों के अनुसार, चिकित्सा प्रभारी न तो समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और न ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर ध्यान देते हैं। परिणामस्वरूप बीमारियों से जूझ रहे मरीज समय पर इलाज न मिलने से परेशान होकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
अस्पताल में दवाओं की कमी, जांच सुविधाओं का अभाव और स्टाफ की लापरवाही अब आम हो चुकी है। जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य केंद्र का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सवाल यह है कि जब जिलाधिकारी की चेतावनी का भी असर नहीं है, तो ऐसे लापरवाह अधिकारी पर कार्रवाई आखिर कब होगी?
अब जैथरा का अस्पताल मरीजों के इलाज का केंद्र न होकर लापरवाही और उपेक्षा का प्रतीक बन गया है।
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