एटा के किसानों की किस्मत बदली बेबी कॉर्न से: 90 दिन में तैयार फसल से लाखों की कमाई, डिमांड ने बढ़ाया मुनाफा
संवाददाता अमन अहमद: एटा जिले के अवागढ़ विकासखंड क्षेत्र में किसान अब परंपरागत खेती को छोड़कर बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। 70 से 90 दिनों में तैयार होने वाली इन फसलों से उन्हें परंपरागत फसलों की तुलना में कहीं अधिक मुनाफा हो रहा है।
बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की मांग होटल, रेस्टोरेंट, पिज्जा व सलाद इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रही है। जहां सामान्य मक्का की कीमत लगभग ₹2000 प्रति क्विंटल होती है, वहीं बेबी कॉर्न ₹8000 से ₹10000 प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
अवागढ़ क्षेत्र के लगभग 100 बीघा क्षेत्र में इन फसलों की खेती हो रही है। किसान रामसेवक और पंचम सिंह जैसे कई किसान बताते हैं कि यह खेती मौसम की परवाह किए बिना की जा सकती है, जिससे नुकसान की आशंका बेहद कम रहती है।
स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न का उपयोग सलाद, अचार, पिज्जा और सूप जैसे व्यंजनों में किया जाता है। स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट होने के कारण इसकी शहरी क्षेत्रों में भारी मांग है.
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह के अनुसार, यह फसल किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। हालांकि, फिलहाल कोई सरकारी योजना उपलब्ध नहीं है, लेकिन विभाग इसे लेकर प्रयासरत है ताकि किसानों को सरकारी लाभ भी मिल सके।
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