इलाज के दौरान 7 वर्षीय बच्चे की मौत, परिजनों ने मेट्रो अस्पताल पर लगाए लापरवाही और शव छिपाने के आरोप
संवादाता अमन अहमद: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में मेट्रो अस्पताल में इलाज के दौरान 7 साल के बच्चे की मौत से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान लोहाखार निवासी शिशुपाल के बेटे शशिकांत के रूप में हुई है। मंगलवार (24 जून) को शशिकांत घर की छत से गिर गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन उसे तत्काल मेट्रो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
बुधवार को बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और बच्चे का शव छिपाने के गंभीर आरोप लगाए। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया, जिसके बाद नगर कोतवाली और देहात पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
परिजनों का आरोप: ली 70 हजार की रकम, फिर भी नहीं बचा सके बच्चा
बच्चे के पिता शिशुपाल ने कहा कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर 60 से 70 हजार रुपये ले लिए, लेकिन उनके बेटे को नहीं बचा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने शव तक छिपा दिया और उन्हें जानकारी तक नहीं दी। उन्होंने कहा, “गरीब की कोई नहीं सुनता, लेकिन अब मैं कार्रवाई करूंगा। अस्पताल ने मेरे बच्चे की मिट्टी तक नहीं छोड़ी।”
अस्पताल प्रबंधन की सफाई
मेट्रो अस्पताल के प्रतिनिधि शैलेंद्र राजपूत ने सफाई देते हुए कहा कि बच्चे को गंभीर हालत में 24 जून की शाम भर्ती किया गया था और भर्ती से पहले ही परिजनों को खतरे की जानकारी दे दी गई थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे रेफर करने की सलाह दी गई और एंबुलेंस भी बुलाई गई थी, लेकिन परिजन बाहर नहीं ले गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल ने खुद ही पुलिस को मौके पर बुलाया था और यदि परिजनों को लापरवाही लगती है तो वे एफआईआर करवा सकते हैं।
पुलिस ने कहा: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
नगर कोतवाली प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि बच्चा बैगवाला थाना क्षेत्र का निवासी था और छत से गिरने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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