नगर पंचायत पट्टी का नया गणित: काम पूरा, वेतन आधा!
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ़।
नगर पंचायत पट्टी में इन दिनों एक अनोखा “वित्तीय सुधार अभियान” चल रहा है। यहां ठेकेदारी पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को सिखाया जा रहा है कि कम पैसों में भी खुश कैसे रहा जाता है। बताया जा रहा है कि अप्रैल महीने का वेतन देते समय 2000 से 2500 रुपये की “स्वैच्छिक कटौती” कर ली गई—हालांकि कर्मचारियों को इसकी जानकारी उतनी ही दी गई, जितनी बारिश आने से पहले मौसम विभाग को होती है। करीब 35 कर्मचारियों ने जब अपनी जेब हल्की पाई तो उन्हें समझ आया कि यह कोई गलती नहीं, बल्कि “प्रबंधन की दूरदर्शिता” है। आखिर महंगाई इतनी बढ़ गई है, तो सोचा गया कि कर्मचारियों की उम्मीदें ही कम कर दी जाएं। सुबह 5 बजे से शहर की सफाई करने वाले कर्मचारी अब अपने घर की “आर्थिक सफाई” में जुट गए हैं—बच्चों की फीस हटाओ, राशन कम करो, दवाई बाद में देखेंगे। एक कर्मचारी ने व्यंग में कहा, “अब तो लगता है नगर पंचायत हमें योग सिखा रही है—कम में संतोष रखना। उधर, जिम्मेदारों की चुप्पी इतनी गहरी है कि लगता है वेतन कटौती नहीं, कोई “मौन साधना” चल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो अगली बार वेतन की जगह शायद धन्यवाद पत्र ही दे दिया जाए—और उस पर भी 10% कटौती हो सकती है।












