जनपद बदायूं में बिना आवेदन दर्ज हुआ बिजली कनेक्शन, फर्जी बिल मामले में चार अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश
मंडल संवाददाता अमित चौहान
बदायूं। बिना आवेदन किए उपभोक्ता के नाम बिजली कनेक्शन दर्ज कर हजारों रुपये का बिल भेजने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने विद्युत विभाग के तत्कालीन चार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पीड़ित मेहंदी हसन ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके बेटे ने कभी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया, इसके बावजूद उसके मोबाइल नंबर पर ₹8,007 का बिजली बिल भेज दिया गया। जांच कराने पर पता चला कि वर्ष 2022 में उसके नाम से एक ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन दर्ज कर दिया गया था, जबकि न तो कोई आवेदन किया गया था और न ही उसकी सहमति ली गई थी। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर कनेक्शन और बिल को निरस्त करने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय उन पर बकाया वसूली का दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, बिजली चोरी के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम अदालत ने प्रथम दृष्टया इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए तत्कालीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), उपखंड अधिकारी (एसडीओ), अवर अभियंता (जेई) तथा एक मीटर रीडर के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बिना उपभोक्ता की सहमति और आवेदन के बिजली कनेक्शन दर्ज करना तथा उसके नाम पर बिल जारी करना अत्यंत गंभीर मामला है। न्यायालय ने पुलिस को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।












