एनआईसी गौतमबुद्धनगर में पोषण पाठशाला एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) प्रशिक्षण का आयोजन
संवाददाता सायरा सूर्यवंशी एनसीआर नोएडा
गौतमबुद्धनगर, 06 अगस्त 2026 महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) के निर्देशन तथा निदेशालय, लखनऊ के मार्गदर्शन में आज एनआईसी, गौतम बुद्ध नगर एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय, दनकौर में पोषण पाठशाला एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।एनआईसी, गौतमबुद्धनगर में आयोजित पोषण पाठशाला का प्रसारण वेबकास्ट/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्तनपान विषय पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ करने, जन्म से छः माह तक केवल माँ का दूध पिलाने, छः माह के बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने, कुपोषण की रोकथाम तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्तनपान की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी, दनकौर संध्या सोनी, मुख्य सेविकाएं ममता तिवारी, प्रीति, निहारिका तथा दादरी की मुख्य सेविकाएं चांदनी एवं विमल उपस्थित रहीं। सभी ने प्रतिभागियों को स्तनपान एवं पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।इसी क्रम में बाल विकास परियोजना कार्यालय, दनकौर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) के सफल संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में डॉ. पूनम तथा यूनिसेफ से प्रेमपाल ने कृमि संक्रमण से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, संक्रमण की रोकथाम तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार एल्बेंडाजोल की गोली बच्चों को खिलाने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।प्रशिक्षण उपरांत सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को एल्बेंडाजोल की गोलियों का वितरण किया गया, ताकि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर पात्र बच्चों को दवा उपलब्ध कराकर उन्हें कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।प्रशिक्षण कार्यक्रम में दनकौर की मुख्य सेविकाएं किरण एवं माधुरी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक पात्र बच्चे तक एल्बेंडाजोल की दवा पहुँचाने का आह्वान किया। गौतमबुद्धनगर।












