बुझी रोशनी में सहनशील दुल्हन बनी पट्टी, 15 दिनों से अंधेरे में डूबी सिविल लाइन ,पट्टी नगर पंचायत की अनदेखी पर उठे सवाल, जिम्मेदार मौन
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा /प्रतापगढ
पट्टी।आदर्श नगर पंचायत पट्टी द्वारा नगर को चमकाने और सजाने के तमाम दावों के बीच हकीकत इससे ठीक उलट नजर आ रही है। पट्टी सिविल लाइन स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के पास लगी स्ट्रीट लाइट पिछले 15 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे यह प्रमुख मार्ग अंधेरे की गिरफ्त में है।
दिन में चहल-पहल और रात में सन्नाटा अंधेरे की चादर ओढ़े यह सड़क स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। रात के समय पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अंधेरे के कारण दुर्घटना और आपराधिक घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पट्टी का ऐतिहासिक दशहरा मेला आया, पट्टी नगर सजा, कैमरे चमके और प्रचार भी हुआ, लेकिन जैसे ही आयोजन समाप्त हुआ, जनसुविधाएं फिर अंधेरे में धकेल दी गईं। लोगों में नाराजगी है कि शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन साधे हुए हैं।सिविल लाइन पट्टी के नगर वासियों ने कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया
“क्या यही विकास है या फिर जिम्मेदारों को अंधेरे में ही सब कुछ उजला दिखाई देता है
पट्टी नगर के लोग यह भी कहते हैं कि पट्टी अब एक ‘सहनशील दुल्हन’ बन चुकी है, जो सज तो जाती है, मगर उसकी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। नगर पंचायत के नगर वासियों का साफ कहना है कि अब केवल वादे नहीं, तत्काल कार्रवाई चाहिए।
सिविल लाइन पट्टी स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल से मांग की है कि स्ट्रीट लाइट को अविलंब ठीक कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और शहर सचमुच रोशनी की ओर बढ़े।अब देखना यह है कि नगर पंचायत जागती है या फिर पट्टी यूँ ही अंधेरे में सहन करती रहेगी।












