गुजारा भत्ता को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे PCS ज्योति मौर्या के पति, 8 अगस्त को सुनवाई
बहुचर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्या के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आलोक मौर्या ने अपनी अफसर पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है।
यह मामला पहले फैमिली कोर्ट, आजमगढ़ में गया था, लेकिन वहां से गुजारा भत्ते की अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके खिलाफ आलोक ने हाईकोर्ट में अपील की, जिस पर न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और डॉ. वाई.के. श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि वह एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, जबकि उसकी पत्नी एक उच्च पदस्थ पीसीएस अधिकारी हैं। आय में भारी अंतर होने के कारण, वैवाहिक विवाद लंबित रहने तक गुजारा भत्ता मिलना न्यायसंगत होगा।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि अपील निर्धारित समय से 77 दिन की देरी से दाखिल की गई है, और वह भी परिवारिक अदालत की डिक्री की प्रमाणित प्रति के बिना। इसके बावजूद, याची ने देरी माफी और प्रतिलिपि दाखिल करने की अनुमति को लेकर अर्जी भी लगाई है।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 8 अगस्त की तारीख तय की है।
क्या है मामला?
ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या के रिश्ते में उस समय दरार आई, जब ज्योति के पीसीएस बनने के बाद आलोक ने उन पर होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे से संबंध होने का आरोप लगाया। इसके जवाब में ज्योति मौर्या ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था।
हाल ही में यह खबर आई थी कि आलोक मौर्या ने शासन में की गई भ्रष्टाचार की शिकायत वापस ले ली है, जिसके बाद दोनों के बीच सुलह की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक ज्योति मौर्या द्वारा दर्ज केस वापस नहीं लिया गया है।
अब देखना यह होगा कि 8 अगस्त को हाईकोर्ट में क्या रुख सामने आता है।
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