एटा में ग्राम पंचायत स्तर पर दो दिवसीय किसान पाठशालाओं की तैयारियां पूर्ण
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
11.12.2025
एटा। प्रदेश सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं के तहत जनपद एटा में रबी फसल सत्र 2025-26 के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्तावित दो दिवसीय किसान पाठशालाओं की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के दिशा-निर्देशों के अनुसार ये पाठशालाएं 12 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, समयानुकूल बुवाई, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, लागत कम करने के तरीकों तथा अधिक उत्पादन प्राप्त करने संबंधी वैज्ञानिक जानकारियों से अवगत कराना है। जनपद एटा की 202 ग्राम पंचायतों में इन पाठशालाओं का आयोजन किया जाएगा। कृषि विभाग के एटीएम, बीटीएम, टीएसी सहित ग्राम स्तरीय कार्मिक इन पाठशालाओं का संचालन करेंगे। आयोजन से पूर्व एनआईसी सभागार में सभी नामित ट्रेनर्स का कृषि निदेशालय लखनऊ द्वारा मूल्यांकन किया गया, जिसमें उन्हें बिंदुवार प्रशिक्षण प्रदान कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। ट्रेनर्स को बताया गया कि किसानों तक समसामयिक, उपयोगी और वास्तविक कृषि आधारित जानकारी पहुँचाना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से करेंगे। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समय से बुवाई व रबी सीजन की सफल तैयारी के लिए विभागीय अधिकारियों और किसानों को शुभकामनाएं दी हैं। प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र कुमार ने ट्रेनर्स को निर्देशित किया कि किसान पाठशालाएं ज्ञानवर्धक व उपयोगी बनें, ताकि खेती की उत्पादकता में वास्तविक सुधार हो सके।
कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि किसानों को ऐसी जानकारी दी जाए, जिसे अपनाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकें। प्रशिक्षण सत्र में उप कृषि निदेशक सुमित पटेल, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह तथा सभी नामित ट्रेनर शामिल रहे। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान किसानों के लिए ज्ञान और तकनीक का एक प्रभावी माध्यम साबित होगा, जिससे रबी फसलों के उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
जनपद प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में आयोजित इन दो दिवसीय पाठशालाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ उठाकर अपनी खेती को नई दिशा दें।












