डीएम अरविन्द सिंह का सख्त संदेश: अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई।
संवादाता अमन अहमद।
एटा। जनपद में सुनियोजित शहरी विकास और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विनियमित क्षेत्र कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया, लंबित प्रकरणों तथा जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों के कार्यों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।जिलाधिकारी ने नक्शा स्वीकृति से संबंधित आवेदनों का परीक्षण करते हुए कहा कि सभी प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए और कार्यालय में अनुशासन व जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे भवन स्वामियों और भूखंड धारकों को चिह्नित किया जाए, जिनके भवन नक्शा स्वीकृति या कंपाउंडिंग की श्रेणी में आते हैं। साथ ही उन्हें नियमों के अनुसार आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए जागरूक किया जाए। निरीक्षण के दौरान विनियमित क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनियों और ले-आउट की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के विकसित की जा रही कॉलोनियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण आम नागरिकों को सड़क, पेयजल, सीवर, पार्क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है। डीएम ने चेतावनी दी कि बिना स्वीकृति भूखंडों की बिक्री कर लोगों को गुमराह करने वाले भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कठोर प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने तथा जनजागरूकता अभियान और विशेष शिविर आयोजित कर नागरिकों को भवन निर्माण एवं भू-उपयोग संबंधी नियमों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जनपद में व्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।












