एटा मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की मनमानी से मचा हंगामां
संवाददाता योगेंद्र सिंह
समय से न पहुंचने पर प्रभारी ने की गैरहाजिरी, नाराज डॉक्टरों ने छोड़ी ओपीडी, मरीजों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
एटा। वीरांगना अवंतीबाई लोधी राजकीय मेडिकल कॉलेज एटा में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं ठप कर दीं। बताया गया कि ओपीडी के निर्धारित समय पर कई जूनियर डॉक्टर देर से पहुंचे थे। इस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अनुशासनहीनता मानते हुए उनकी गैरहाजिरी दर्ज कर दी। प्रभारी के इस निर्णय से नाराज डॉक्टर भड़क उठे और विरोधस्वरूप ओपीडी छोड़कर बाहर आ गए। देखते ही देखते मेडिकल कॉलेज परिसर में हंगामे का माहौल बन गया। कई मरीज, जो सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, उन्हें बिना इलाज लौटना पड़ा। मरीजों और तीमारदारों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में आए लोग घंटों से लाइन में थे, लेकिन डॉक्टरों की आपसी खींचतान का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बिना किसी पूर्व सूचना या कारण जाने गैरहाजिरी दर्ज कर दी, जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में समय की पाबंदी और अनुशासन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नाराज डॉक्टरों को समझाया और मामले को शांत कराया। देर शाम तक ओपीडी सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हो सकीं, लेकिन मरीजों को पूरे दिन परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में आए दिन अनुशासन और व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने आती रहती हैं, जिनका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ता है।












