चुनाव आयोग सख्त: उत्तर प्रदेश के 119 राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस
चुनावी निष्क्रियता पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई
संवाददाता लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंजीकृत 119 राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये वे दल हैं जो पिछले 6 वर्षों से किसी भी चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। आयोग ने यह कदम लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत उठाया है, जिसके तहत पंजीकृत राजनीतिक दलों की सक्रियता अनिवार्य है।
चुनाव आयोग का कहना है कि ये दल सिर्फ कागजों पर पंजीकृत हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं कर रहे। ऐसे दलों के खिलाफ पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
आयोग की सख्ती का कारण:
बीते वर्षों में यह देखने में आया है कि कुछ दल सिर्फ नाम मात्र के लिए पंजीकृत रहते हैं और उनका इस्तेमाल वित्तीय अनियमितताओं, कालाधन के संचालन या छद्म राजनैतिक गतिविधियों में हो सकता है। इसलिए आयोग अब निष्क्रिय दलों की जांच और सफाई के अभियान में जुट गया है।
सूत्रों के अनुसार, नोटिस पाने वाले दलों को अब एक निश्चित समयावधि में अपना पक्ष रखना होगा, अन्यथा उनके पंजीकरण रद्द किए जा सकते हैं।
यह कार्रवाई चुनावी पारदर्शिता और लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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