प्रतापगढ़ में तेज हवा और बारिश से धान की फसलें जमींदोज, किसानों की बढ़ी चिंता
संवाददाता — दीप चन्द्र पाण्डेय प्रतापगढ़। जिले में लगातार तीन दिनों तक तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चक्रवाती मौसम के प्रभाव से खेतों में खड़ी धान की अधिकांश फसलें जमीन पर गिर गई हैं। फसल गिरने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है और उनकी चिंता बढ़ गई है।
इस बार अच्छी बारिश होने से किसानों को धान की बेहतर पैदावार की उम्मीद थी। जनपद की पांचों तहसीलों में करीब 1.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। वहीं जिले में करीब 5 लाख किसान पंजीकृत बताए जा रहे हैं।
लेकिन लगातार तीन दिनों तक चले तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसलें जगह-जगह जमींदोज हो गईं। कई किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
फसल नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग ने ब्लॉकवार टीमें गठित की हैं।फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू किया जाएगा। सर्वे के बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल खेतों में गिरी धान की फसल किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। किसानों को अब सर्वे और नुकसान के आकलन के बाद शासन-प्रशासन से राहत की उम्मीद है।
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