मुख्य विकास अधिकारी श्री भालचंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न
संवाददाता सायरा सूर्यवंशी एनसीआर नोएडा
गौतमबुद्धनगर 15 अक्टूबर, 2026 जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित पोषण कार्यक्रमों की प्रगति, बच्चों की पोषण स्थिति और गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई।
बिसरख, दादरी, दनकौर, शहरी क्षेत्र एवं जेवर परियोजनाओं के कार्यों का आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए।बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया कि सितंबर माह में गंभीर तीव्र कुपोषण (सैम) एवं मध्यम तीव्र कुपोषण (मैम) श्रेणी में चिह्नित बच्चों की संख्या में पिछले माह की अपेक्षा कमी आई है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री भालचंद्र त्रिपाठी ने बच्चों का नियमित वजन मापन, उनकी पोषण स्थिति के अनुरूप आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने तथा चिह्नित बच्चों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप पोषण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में गर्भवती महिलाओं की चौथी प्रसवपूर्व जाँच (एएनसी-4), निर्धारित वजन वृद्धि तथा टेक होम राशन की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संभव 6.0 अभियान एवं ई-कवच के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध स्वास्थ्य जाँच एवं आवश्यक पोषण सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी श्री भालचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यक कार्यवाही समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सुविधाएँ सुगमता से मिलें तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुँचे। गौतमबुद्धनगर।












