“300 गौवंश की मौत पर सियासत गरम: सिस्टम की चुप्पी के खिलाफ दिनकर का अनिश्चितकालीन रण, बघेल ने पूछा—जिम्मेदार कौन?”

“300 गौवंश की मौत पर सियासत गरम: सिस्टम की चुप्पी के खिलाफ दिनकर का अनिश्चितकालीन रण, बघेल ने पूछा—जिम्मेदार कौन?”

जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू

 किसानों की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब जन-आक्रोश में बदलता जा रहा है। युवा नेता दीपक सिंह दिनकर (जनपद सदस्य व गौ सेवक) द्वारा छेड़ा गया अनिश्चितकालीन संघर्ष प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनकर उभरा है। क्षेत्र की गौशालाओं की बदहाल स्थिति और कथित रूप से 300 से अधिक गौवंश की मौत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। इस आंदोलन को उस समय बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला जब भूपेश बघेल धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “गौ माता के नाम पर राजनीति करने वाली सरकार जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ रही है।” बघेल ने गौवंश की मौत को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए दोषी अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसानों की मौजूदगी इस बात का संकेत दे रही है कि यह मुद्दा अब केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और जनहित का बड़ा प्रश्न बन चुका है। दीपक सिंह दिनकर ने साफ कहा कि “जब तक गौवंश की सुरक्षा और किसानों के हित में ठोस निर्णय नहीं लिए जाते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।” प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब या कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस बढ़ते जनदबाव के बीच क्या कदम उठाती है, या फिर यह आंदोलन और उग्र रूप लेता है।

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