प्रतापगढ़ जिला महिला अस्पताल में नवजात की अदला-बदली का आरोप, लड़का बताकर एक घंटे बाद थमा दी गई बच्ची
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ़। जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशु की अदला-बदली का सनसनीखेज आरोप सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। शिवगढ़ ब्लॉक के कुराडीह, हरिहरगंज निवासी शक्ति पांडेय ने अस्पताल के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पत्नी निशा पांडेय के ऑपरेशन के बाद पहले उन्हें लड़का होने की जानकारी दी गई और नवजात लड़का सौंपा गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद स्टाफ ने गलती होने की बात कहकर उन्हें लड़की दे दी।
पीड़ित पिता शक्ति पांडेय के मुताबिक, रात 8:20 बजे उन्हें लड़का होने की बात बताई गई और लड़का सौंपा गया। इसके बाद रात 9:10 बजे अस्पताल का स्टाफ पहुंचा और कहा कि गलती से लड़का दे दिया गया था, जबकि उनके यहां लड़की पैदा हुई है। इसके बाद परिवार को बच्ची सौंप दी गई।
इस घटना से परिजनों में आक्रोश और असमंजस की स्थिति है। परिवार ने सवाल उठाया है कि यदि रात 8:20 बजे सौंपा गया बच्चा उनका नहीं था, तो वह किसका था? साथ ही, रात 9:10 बजे दी गई बच्ची की पहचान को लेकर भी परिजनों ने सवाल खड़े किए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच और निस्तारण होने तक दोनों महिलाओं को अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं करने के लिए कहा है। वहीं, परिजनों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला महिला अस्पताल में आखिर यह चूक कैसे हुई और नवजात की वास्तविक पहचान की पुष्टि किस तरह की जाएगी?
फिलहाल, नवजात की अदला-बदली का आरोप है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।












